बुधवार, 9 फ़रवरी 2011

होली प्रीस्ट द्वारा ब्लैकमेल

जो दूसरा कन्फैशन है, वो चर्च के यहाँ अंकित है और १७१० में एक महिला द्वारा एक फादर के समक्ष किया गया था. पहचान गुप्त रखने के लिए काल्पनिक नाम लियोनोर से वर्णन किया गया है.

लियोनोर: अपनी आयु के प्रथम १६ वर्षों में कोई उल्लखनीय पाप नहीं है. मैं अपना कन्फैशन इस आयु के पश्चात से आरम्भ करती हूँ, जब मैंने प्रथम पाप किया था. ये इस प्रकार था. मेरे माता पिता, हमारे पारंपरिक फादर पर, जो कि एक फ्रान्सिसकी फादर था, पूर्ण रूप से समर्पित थे. हमारे घर पर उसी का एकाधिकार था. इन दिनों मेरी माता का देहांत हो गया और एक माह पश्चात ही मेरे पिता का देहांत हो गया, जिन्होंने सारी संपत्ति हमारे फादर कंफैसर के अधिकार में रख छोड़ी थी. उसे अधिकार था कि वो अपनी इच्छानुसार संपत्ति का प्रयोग कर सकता था. एक छोटा सा भाग मेरे लिए था और उसके लिए मुझे फादर के कहे अनुसार चलना था.
मेरे पिता के देहांत के एक माह उपरान्त, ये कह कर कि वो घर की प्रत्येक वस्तु की देख रेख करना चाहता है, उसने मेरे कक्ष के निकट, जहां मेरी नौकरानी सोया करती थी, अपने सोने की व्यवस्था करवा ली. पहले दिन, भोजन के उपरान्त, उसने मुझ से कहा कि मैं उसके लिए पुत्री के समान हूँ. क्योंकि मेरे पिता ने मुझे फादर के अधीन रहने के लिए कहा है, इसलिए मेरा ये कर्त्तव्य है कि मैं फादर पर अंध विश्वास करूँ.
उसके आदेशानुसार, मैंने अपनी नौकरानी को अपने सोने की व्यवस्था, जो अब तक मेरे ही कक्ष में थी, एक दूसरे कक्ष में करने को कहा और वो उसी समय वहाँ से चली गयी. इसके लगभग एक घंटे के पश्चात फादर मेरे कक्ष में आया और चिकनी चुपड़ी बातों से और धमकियों के बल से मुझ से मेरी सबसे मूल्यवान वस्तु, मेरा भोलापन मुझ से छीन लिया. ये क्रम लगभग दो माह तक चलता रहा, जिसके पश्चात, मुझे लगता है कि जब उसका मन मुझ से उचाट हो गया तो वो सब कुछ ले कर अपने कॉवेन्ट में चला गया, जहां दास दिन पश्चात उसकी मृत्यु हो गयी.
परिणामतः, जो कुछ मेरे माता पिता छोड़ कर गए थे, मैं उस सब से वंचित हो गयी. उन्होंने मुझे कभी किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी थी और मेरी शिक्षा में भी किसी प्रकार की कमी नहीं रखी गयी थी. आप कल्पना कर सकते हैं कि इतने वैभव में रहने के पश्चात अब मेरे पास अपने नौकरों को देने के लिए भी धन नहीं बचा था और ना ही प्रतिदिन उपयोग की वस्तुओं के लिए ही मेरे पास कोई धन था.
इन परिस्थितियों से मैं इतनी विवश हो गयी थी कि मुझे जो प्रथम प्रस्ताव आया, मैंने उसे ही स्वीकार कर लिया. वो एक सैनिक था, उसकी इच्छा के अनुसार हम दो वर्ष तक एक साथ रहे जिसके पश्चात उसे अपनी रेजिमेंट के आदेशानुसार केटालोनिया जाना पड़ा. वो जाते समय मेरे लिए इतना धन छोड़ गया था कि मेरा जीवन यापन ठीक चलता रहे. किन्तु शीघ्र ही उसकी मृत्यु हो गयी.
मैंने अपने जीवन को एक नया मोड़ देने का निर्णय किया. अपनी कन्फैशन के लिए मैंने फादर को अपने जीवन सम्बंधित जानकारी दी. उन्होंने मेरा नाम पूछा और अगले दिन मेरे घर आ कर मेरी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया. मुझे इस से प्रसन्नता हुई कि मुझे एक ऐसा नेक मार्गदर्शक मिल गया है जो मेरे जीवन को सुगम बना देगा.
अगले दिन, अपने कहे अनुसार, फादर ने घर आ कर कुछ व्याख्यान किये और मेरा हाथ पकड़ कर मेरे कक्ष में ला कर कहा कि यदि मैं सैनिक अधिकारी द्वारा दिए गए आभूषण तथा अन्य बहुमूल्य वस्तुएं उसे दे दूँगी तो वो मेरे लिए एक अच्छा पुरुष ढूंढ कर देंगे जो कि मुझ से विवाह कर लेगा. मैंने ऐसा ही किया. मेरे पास जो कुछ था, उसे ले कर फादर चले गए और अगले दिन आये तो मेरे समक्ष एक नया प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि मुझे फादर की इच्छा की पूर्ती करनी होगी, ऐसा न करने पर फादर मेरी सूचना 'होली इन्कुइसिशन' को दे देंगे.
इस विकट स्थिति से बचने के लिए मैंने अगले छः माह तक कई पुरुषों के प्रति अपने को प्रस्तुत किया. अंततः, उसने मुझे छोड़ दिया. अपने जीवन यापन के लिए मैं विवाहित और अविवाहित पुरुषों के साथ संसर्ग करने लगी. अब मुझ में कन्फैशन करने का एक भय व्याप्त हो चुका था.
फादर: किन्तु ऐसा कैसे हुआ कि चर्च ने तुम्हारा नाम सार्वजनिक नहीं किया, क्योंकि एक वर्ष में कन्फैशन ना करने पर चर्च ऐसा करती है?
लियोनोर: मैं एक वृद्ध फादर के पास गयी और एक सिक्का दे कर कन्फैशन का प्रशस्ति पत्र बनवा लिया, जो उस फादर ने कोई सूचना मांगे बिना ही बना दिया. ये पत्र दिखा कर मैंने अपने क्षेत्र की चर्च के पादरी को संतुष्ट कर दिया. गत वर्ष मैं जब कन्फैशन के लिए गयी तो पादरी ने मुझे मुक्त करने से इनकार कर दिया क्योंकि मैं कई बुरे कर्म कर चुकी थी. जब मैंने उसे पांच सिक्के दिए ताकि दास मॉस की व्यवस्था हो सके तो उसने मुझे ये कहते हुए मुक्त कर दिया कि एक फादर होने के नाते उसका कर्त्तव्य है कि आत्माओं को शान्ति मिले. इस प्रकार मैं चर्च के प्रकोप से बच गयी.
फादर: तुम ने बुरे कर्म करना कब से छोड़ दिया है?
लियोनोर: लगभग छः सप्ताह से.
फादर: मैं तुम्हें अभी मुक्त नहीं कर सकता. तुम आगामी गुरुवार को आना, मैं तुम्हारे जीवन की परिस्थितियों के संबंध में मंत्रणा कर के तुम्हें मुक्त करूंगा.
लियोनोर: फादर, मुझे अभी और भी बताना है. उस फादर के कहने पर मैंने चर्च में से एक चैलिस (चांदी से बना कप) चोरी की थी. उस के टुकड़े कर के चांदी बेच कर जो धन मिला था, वो मैंने उस फादर को दिया था. उस फादर के साथ मैंने चर्च में ही कई बार दुष्कर्म भी किया था. इसके अतिरिक्त, अपने कर्मों से, विचारों से और शब्दों से मैंने अनगिनत कुश्कर्म किये हैं, विशेष रूप से एक व्यक्ति के साथ, जिस से मैंने अंतिम संबंध बनाए थे. अब मैं उस से मुक्त हो चुकी हूँ.
फादर: मुझे इन सभी विषयों पर मंत्रणा करने का समय दो. मैं इन का हल तुम्हारे आगामी कन्फैशन के समय कर दूंगा. अभी तुम शांत हो कर जायो.

इस कन्फैशन के पुनरावलोकन में हम देखते हैं कि एक इसाई फ्राइयर अपने अधिकार में आई उस बच्ची के साथ बलात्कार करता है जिसे उसके माता पिता विश्वास कर के छोड़ चुके हैं. इतना ही नहीं, वो प्रीस्ट उस बच्ची का शारीरिक शोषण करने के साथ साथ उसकी धन संपत्ति भी लूट लेता है और उसे अन्य पुरुषों की दया पर जीने को विवश कर देता है. एक सभ्रांत कन्या को वेश्या बनने पर विवश कर देता है जिसे उसके माता पिता ने कभी कमी नहीं रहने दी थी.
एक दूसरा इसाई प्रीस्ट भी उसका धन वैभव लूट लेता है और उसका शारीरिक शोषण करता है. ये होली फादर उस विवश लड़की से होली चर्च में ही संसर्ग भी करता है और होली चर्च की वस्तुएं चुरा कर, उन्हें तोड़ कर उनका धन अपने अधिकार में कर लेता है. और इस के लिए वो सहारा किस का लेता है - होली इन्कुइसिशन का.
ओह! इन होली राक्षसों के कृत्यों की आड़ में एक और होली प्रीस्ट तो रह ही गया; जिसने एक सिक्के की रिश्वत ले कर प्रशस्ति पत्र दे दिया था. और एक दूसरा होली फादर था जिसने पांच सिक्के लिए थे क्योंकि वो आत्माओं की शान्ति के प्रति सजग था.
होली फादर, होली चर्च, होली प्रीस्ट और होली इन्कुइसिशन. अंग्रेजी में होली का अर्थ पवित्र होता है. विश्वास नहीं हो रहा तो कर ही लीजिये क्योंकि अन्यथा आप सेक्युलर नहीं कहलायेंगे.
इन सब होली बातों में कहीं भूल जाऊं, एक होली फादर ने इस विवश लड़की को अपने साथियों के समक्ष भी प्रस्तुत किया था. इसे क्या कहेंगे दलाली या परंपरा के अनुसार होली दलाली. 

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